“क्या हाल हो गया है देश का” – खुशनुमा परवीन की स्वरचित कविता

क्या हाल हो गया है देश का सब लड – मर रहे है जाति के नाम पर नेता बैठे है चैन से और जनता की…

View More “क्या हाल हो गया है देश का” – खुशनुमा परवीन की स्वरचित कविता

बुलंदी ने स्थापित किया नया कीर्तिमान, लगातार 207 घंटे चला वर्चुअल कवि सम्मेलन

साहित्य जगत में बुलंदी जज्बात-ए-कलम संस्था ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्था के द्वारा वर्चुअल कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जो कि 207…

View More बुलंदी ने स्थापित किया नया कीर्तिमान, लगातार 207 घंटे चला वर्चुअल कवि सम्मेलन

“म्यर गों म्यर नाव” – राजेंद्र सिंह भंडारी की स्वरचित कविता

भल समझछा गौनों कैं गों रहौंण दियो इंशानियतक ज्यौंन तुम नों रहौंण दियो नी सोंपो विज्ञान तकनीक कैं सब काम यों खेतों में झुंगर मनु…

View More “म्यर गों म्यर नाव” – राजेंद्र सिंह भंडारी की स्वरचित कविता

हरेला पर्व पर युवा कवि मनोज भट्ट की स्वरचित कविता

फिर बदला हैं ये मौसम,, छाई हैं सावन की बहार,, खुशियां संग लेकर आया,, हरेले का त्यौहार। वृक्ष लगाने की सीख ये देता,, पकवानों से…

View More हरेला पर्व पर युवा कवि मनोज भट्ट की स्वरचित कविता

“उत्तराखंड मांगे भू-कानून” – भू कानून को लेकर सुनीता भोज की स्वरचित कविता

मेरी देवभूमि से ही है वजूद मेरा, तो मैं बातें भी देवभूमि की करती हूं! जिसके आंचल में है सुंदरता का अपार भंडार, मैं उस…

View More “उत्तराखंड मांगे भू-कानून” – भू कानून को लेकर सुनीता भोज की स्वरचित कविता

150 घंटे चलने वाले कवि सम्मेलन में भाग लेंगी द्वाराहाट की श्रुतिका शाह

अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट की बेटी श्रुतिका साह ने 150 घंटे चलने वाले कवि सम्मेलन में प्रतिभाग करने का स्थान बनाया है। श्रुतिका साह छायावादी…

View More 150 घंटे चलने वाले कवि सम्मेलन में भाग लेंगी द्वाराहाट की श्रुतिका शाह

विश्व के सबसे लंबे वर्चुअल कवि सम्मेलन में नवोदित कवियित्री पूजा सनवाल होंगी शामिल

150 घण्टे से ज्यादा लगातार चलने वाला ये ऑनलाइन कवि सम्मेलन इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा। इस कवि सम्मेलन में देश विदेश सहित…

View More विश्व के सबसे लंबे वर्चुअल कवि सम्मेलन में नवोदित कवियित्री पूजा सनवाल होंगी शामिल

उत्तराखंड में बढ़ती भू कानून की मांग को लेकर युवा कवियत्री गीतम भट्ट शर्मा की पहाड़ी कविता जरूर पढ़ें

उ लगाल तुमर गाड़- भीड़ में चाहा तुम चाइए रौला उ खोद जाल जेसीबी मशीनोंली तुमार पितरोकी भूमि तुम के नी कै सकला  उ तुमर…

View More उत्तराखंड में बढ़ती भू कानून की मांग को लेकर युवा कवियत्री गीतम भट्ट शर्मा की पहाड़ी कविता जरूर पढ़ें

“निश्चित है निर्वाण” – कवींद्र पंत की स्वरचित कविता

विगत वर्ष 8 जुलाई को चौघानपाटा हेड पोस्ट आफिस के निकट स्थित पं० गोविन्द बल्लभ पन्त पार्क का वर्षों पुराना देवदार वृक्ष व उससे लिपटी…

View More “निश्चित है निर्वाण” – कवींद्र पंत की स्वरचित कविता

“मैं – स्वयं की तलाश” – अमित चन्द्र तिवारी की स्वरचित कविता

चला हूं मैं आज स्वयं से मिलने चिंताओं को छोड़ खुशियों से मिलने बंद पड़ी नादानियां को फिर से टटोलने चला हूं मैं आज स्वयं…

View More “मैं – स्वयं की तलाश” – अमित चन्द्र तिवारी की स्वरचित कविता