CBSE ने बदला सिलेबस, 9 वीं से 12 वीं तक का 30% सिलेबस कम किया गया

नेशनल एजुकेशन बोर्ड Central Board of Secondary Education (CBSE) ने मंगलवार को कोरोनावायरस संकट के बीच 2020-21 के शिक्षा सत्र में बच्चों के ऊपर से सिलेबस का बोझ कम करने के लिए स्कूलों में कोर्स को 30 फीसदी कम करने की घोषणा की थी, जिसके बाद जानकारी है कि बोर्ड ने स्कूलों में लोकतांत्रिक अधिकार, फूड सिक्योरिटी, संघवाद, नागरिकता और निरपेक्षवाद जैसे अहम चैप्टर हटा दिए हैं।
कोरोना महामारी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। मार्च 2020 से देश भर में सभी स्कूलों पर ताला लगा हुआ है काफी लंबे समय से स्कूल बंद होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई का बहुत नुकसान हुआ है। हालांकि हमारी शिक्षा व्यवस्था ने समय रहते स्थिति को बिगड़ने से बचा लिया और ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों से जुड़ गए। लेकिन ऑनलाइन कक्षाओं में इतनी पढ़ाई नहीं हो पाएगी जितनी सिलेबस को पूरा करने के लिए आवश्यक है।
इससे पहले जून महीने में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने सिलेबस को कम करने की सलाह दी थी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मीटिंग कर 30 से 50 प्रतिशत सिलेबस कम करने को लेकर बात भी की थी।
मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्विट करके लिखा है कि देश और दुनिया में बदलते हालातों के मद्देनजर सीबीएससी को पाठ्यक्रम में संशोधित करने और कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए कोर्स के दबाव को कम करने की सलाह दी गई थी।

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