उत्तराखंड के MBBS के छात्रों का फीस कम किए जाने को लेकर ऑनलाइन आंदोलन

रिपोर्ट – आरती बिष्ट
 उत्तराखंड में एमबीबीएस के 300 स्टूडेंट्स इन दिनों ऑनलाइन आंदोलन कर रहे हैं. ये लोग अपनी फ़ीस 4,26,500 रुपये से घटाकर 50,000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं. इसके लिए ये रोज़ाना सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और राज्यपाल बेबी रानी मौर्य समेत राज्य के सभी कैबिनेट मंत्रियों को ट्विटर, फ़ेसबुक और अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट्स के ज़रिए मैसेज कर रहे हैं ।
हल्द्वानी और देहरादून में मेडिकल कॉलेज में साल 2018-19 तक एमबीबीएस स्टूडेंट की पढ़ाई महज़ 50,000 रुपये में होती थी जो अब कई गुना बढ़ गई है. वह ऑनलाइन आंदोलन के जरिए बढ़ी फ़ीस कम करने की मांग कर रहे हैं ताकि निम्न और मध्यम आय के परिवारों से जुड़े स्टूडेंट आसानी से मेडिकल की पढ़ाई कर सकें ।
हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर सीपी भैसोड़ा के मुताबिक एमबीबीएस की फ़ीस बढ़ाई नहीं गई है बल्कि पहले के ही बराबर है. वह कहते हैं कि हल्द्वानी और देहरादून मेडिकल कॉलेजों में बॉंड का सिस्टम खत्म कर दिया है और इसकी वजह से फ़ीस अपने मूल स्ट्रक्चर के मुताबिक ली जा रही है. बॉंड न होने की शर्त पर फ़ीस की राशि 4 लाख 26 हज़ार पांच सौ रुपये है और छात्रों से वही ली जा रही है। अब सरकार ने बॉंड की शर्त खत्म कर दी है।
हल्द्वानी और दून मेडिकल कॉलेज में इस समय  कुल मिलाकर सालाना 4 लाख 26 हज़ार 500 रुपये सालाना फ़ीस ली जा रही है. इसमें प्रवेश शुल्क 500, शिक्षण शुल्क 4 लाख, क्रीड़ा शुल्क 5000, विकास शुल्क 5000, छात्रावास शुल्क 6000 और 10,000 रुपये जमानत राशि के शामिल हैं। फ़ीस कम करने की मांग कर रहे एमबीबीएस स्टूडेंट्स कहना है कि अन्य राज्यों में फ़ीस कम है और इस लिहाज से उत्तराखंड की फ़ीस बहुत अधिक है।

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