भाषणों में अल्मोड़ा को शिक्षा का हब बनाने की बात करने वाले महाविद्यालय तक नहीं खोल पाए, अविलंब नौगांव में महाविद्यालय न खुलने पर करूंगा वृहद आन्दोलन- बिट्टू कर्नाटक


अल्मोड़ा- भैसियाछाना में क्षेत्र भ्रमण के दौरान उत्तराखण्ड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व दर्जामंत्री बिट्टू कर्नाटक ने कहा कि चुनावी मंचों से अल्मोड़ा को शिक्षा का हब बनाने की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले भैसियाछाना ब्लाक के नौगांव में अभी तक महाविद्यालय तक नहीं खोल पाये जो अपने आप में बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि भैसियाछाना ब्लाक के रीठागाड़ में स्थित नौगांव जो कि पूर्व विधायक स्वर्गीय गोविन्द सिंह बिष्ट की जन्मस्थली भी है के नाम पर महाविद्यालय बनाने का वादा कर कई वर्षों से जनप्रतिनिधि चुनावी मंचों से जनता को निरन्तर ठगते आ रहे हैं जिसका खामियाजा पूरे भैसियाछाना ब्लाक के युवाओं,विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। स्नातक,परास्नातक आदि की पढ़ाई के लिए या तो यहां के युवाओं को अल्मोड़ा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है या फिर वे पिथौरागढ़ के गणाई-गंगोली जाने के लिए मजबूर हैं। कर्नाटक ने कहा कि बड़े शर्म की बात है कि उत्तराखंड बनने के इक्कीस साल बाद भी स्वयं को नेता कहने वाले स्वयंभू भैसियाछाना में एक महाविद्यालय तक नहीं खुलवा पाए। उन्होंने कहा कि लम्बे समय से क्षेत्र की जनता नौगांव में महाविद्यालय बनाने की मांग कर रही है जिसके लिए जनता ने आन्दोलन, चक्काजाम तक कर दिया। लेकिन दुर्भाग्य है कि इन बीस वर्षों में स्वयंभू नेता मात्र चुनावी मंचों से ही अपने भाषणों में महाविद्यालय का काल्पनिक निर्माण कर अपने लिए वोट एकत्रित करते रहे परन्तु धरातल पर वे कुछ नहीं कर पाए। कर्नाटक ने कहा कि भैसियाछाना ब्लाक के युवाओं के लिए यह उत्पीड़न से कम नहीं है कि उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अल्मोड़ा या पिथौरागढ़ का रूख करें और इन स्वयंभू नेताओं के चुनाव में अपने गांव नौगांव में आकर मतदान करना पड़े। उन्होंने कहा कि अब वे भैसियाछाना क्षेत्र के युवाओं का उत्पीड़न किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं करेंगे। कर्नाटक ने प्रदेश की भाजपा सरकार सहित उन समस्त स्वयंभू नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार और स्वयंभू नेता अविलंब नींद से नहीं जागे और पूर्व विधायक स्व० गोविन्द सिंह बिष्ट के नाम पर नौगांव में महाविद्यालय का निर्माण कार्य प्रारम्भ नहीं किया गया तो वे स्थानीय जनता को साथ लेकर चरणबद्ध तरीके से वृहद आन्दोलन को बाध्य होंगे। चाहे इसके लिए सरकार और स्वयंभू नेता उनके ऊपर दर्जनों मुकदमे ही क्यों न कायम करना दे। इसके साथ ही उन्होंने भैसियाछाना ब्लाक की जनता से भी निवेदन किया कि अब जब तक भैसियाछाना ब्लाक के नौगांव में महाविद्यालय नहीं खुल जाता तब तक इन स्वयंभू नेताओं का जनता खुलकर विरोध करें।